Thursday, August 18, 2011

ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के

ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के
अब अँधेरा जीत लेंगे लोग मेरे गाँव के

कह रही है झोपडी औ' पूछते हैं खेत भी
कब तलक लुटते रहेंगे लोग मेरे गाँव के

बिन लड़े कुछ भी नहीं मिलता यहाँ ये जानकर
अब लड़ाई लड़ रहे हैं लोग मेरे गाँव के

3 comments:

Anonymous said...

ले मशाले चल पड़े है लोग मेरे शहर के,
अब अँधेरा जीत लेगे लोग मेरे शहर के...
इसी कारवां को आगे बढ़ाते हुए कल उड़ान सोसाइटी के नेतृत्व में दोधपुर से एक विशाल मशाल जलूस निकाला गया जो केला नगर,मैरिस रोड होता हुआ गोल चक्कर ए एम् यूं पर राष्ट्रगान के बाद संपन्न हुआ|

UDAAN said...

अलीगढ़ में अन्ना के अलख को जगाए रखो, सायद समय की यही मांग है |

BAAT KARAMAT said...

बहुत अच्छा !!!!!इसी कारवां को आगे बढ़ाते हुए आगे बढ़ो दोस्तों!! उड़ान सोसाइटी